मानव सेवा को समर्पित उपक्रम : *ताम्बे का पानी* !

*छाछ*
तेज और ओज बढ़ने के लिए
छाछ का निरंतर सेवन
बहुत हितकर हैं।
सुबह और दोपहर के भोजन में
नित्य छाछ का सेवन करे।
भोजन में पानी के स्थान पर
छाछ का उपयोग बहुत हितकर हैं।
👉 *सरसों तेल*
सर्दियों में हल्का गर्म सरसों तेल
और गर्मियों में ठंडा सरसों तेल
तीन बूँद दोनों कान में
कभी कभी डालते रहे।
इस से कान स्वस्थ रहेंगे।
👉 *निद्रा*
दिन में जब भी विश्राम करे तो
दाहिनी करवट ले कर सोएं। और
रात में बायीं करवट ले कर सोये।
दाहिनी करवट लेने से बायां स्वर
अर्थात चन्द्र नाड़ी चलेगी, और
बायीं करवट लेने से दाहिना स्वर
अर्थात सूर्य स्वर चलेगा।
👉 *ताम्बे का पानी*
रात को ताम्बे के बर्तन में
रखा पानी सुबह उठते बिना
कुल्ला किये ही पिए,
निरंतर ऐसा करने से आप
कई रोगो से बचे रहेंगे।
ताम्बे के बर्तन में रखा जल
गंगा जल से भी अधिक
शक्तिशाली माना गया हैं।
👉 *सौंठ*
सामान्य बुखार, फ्लू, जुकाम
और कफ से बचने के लिए
पीसी हुयी आधा चम्मच सौंठ
और ज़रा सा गुड एक गिलास पानी में
इतना उबाले के आधा पानी रह जाए।
रात को सोने से पहले यह पिए।
बदलते मौसम, सर्दी व वर्षा के
आरम्भ में यह पीना रोगो से बचाता हैं।
सौंठ नहीं हो तो अदरक का
इस्तेमाल कीजिये।
👉 *टाइफाइड*
चुटकी भर दालचीनी की फंकी
चाहे अकेले ही चाहे शहद के साथ
दिन में दो बार लेने से
टाइफाईड नहीं होता।
👉 *ध्यान*
हर रोज़ कम से कम 15 से 20
मिनट मैडिटेशन ज़रूर करे।
👉 *नाक*
रात को सोते समय नित्य
सरसों का तेल नाक में लगाये।
हर तीसरे दिन दो कली लहसुन
रात को भोजन के साथ ले।
प्रात: दस तुलसी के पत्ते और
पांच काली मिर्च नित्य चबाये।
सर्दी, बुखार, श्वांस रोग नहीं होगा।
नाक स्वस्थ रहेगी।
👉 *मालिश*
स्नान करने से आधा घंटा पहले
सर के ऊपरी हिस्से में
सरसों के तेल से मालिश करे।
इस से सर हल्का रहेगा,
मस्तिष्क ताज़ा रहेगा।
रात को सोने से पहले
पैर के तलवो, नाभि,
कान के पीछे और
गर्दन पर सरसों के तेल की
मालिश कर के सोएं।
निद्रा अच्छी आएगी,
मानसिक तनाव दूर होगा।
त्वचा मुलायम रहेगी।
सप्ताह में एक दिन पूरे शरीर में
मालिश ज़रूर करे।

मानव सेवा को समर्पित उपक्रम : योग और प्राणायाम !!

*योग और प्राणायाम*
नित्य कम से कम आधा घंटा
योग और प्राणायाम का
अभ्यास ज़रूर करे।
👉 *हरड़*
हर रोज़ एक छोटी हरड़
भोजन के बाद दाँतो तले रखे
और इसका रस धीरे धीरे
पेट में जाने दे।
जब काफी देर बाद ये हरड़
बिलकुल नरम पड़ जाए
तो चबा चबा कर निगल ले।
इस से आपके बाल कभी
सफ़ेद नहीं होंगे,
दांत 100 वर्ष तक निरोगी रहेंगे
और पेट के रोग नहीं होंगे।
👉 *सुबह की सैर*
सुबह सूर्य निकलने से पहले
पार्क या हरियाली वाली जगह पर
सैर करना सम्पूर्ण स्वस्थ्य के लिए
बहुत लाभदायक हैं।
इस समय हवा में प्राणवायु का
बहुत संचार रहता हैं।
जिसके सेवन से हमारा पूरा शरीर
रोग मुक्त रहता हैं और हमारी
रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ती हैं।
👉 घी खाये मांस बढ़े,
अलसी खाये खोपड़ी,
दूध पिये शक्ति बढ़े,
भुला दे सबकी हेकड़ी।
👉तेल तड़का छोड़ कर
नित घूमन को जाय,
मधुमेह का नाश हो
जो जन अलसी खाय ।।
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मानव सेवा को समर्पित उपक्रम : आंवला......मेथी !!

👉 *आंवला*
किसी भी रूप में थोड़ा सा
आंवला हर रोज़ खाते रहे,
जीवन भर उच्च रक्तचाप
और हार्ट फेल नहीं होगा।
👉 *मेथी*
मेथीदाना पीसकर रख ले।
एक चम्मच एक गिलास
पानी में उबाल कर नित्य पिए।
मीठा, नमक कुछ भी नहीं डाले।
इस से आंव नहीं बनेगी,
शुगर कंट्रोल रहेगी और
जोड़ो के दर्द नहीं होंगे
और पेट ठीक रहेगा।
👉 *नेत्र स्नान*
मुंह में पानी का कुल्ला भर कर
नेत्र धोये।
ऐसा दिन में तीन बार करे।
जब भी पानी के पास जाए
मुंह में पानी का कुल्ला भर ले
और नेत्रों पर पानी के छींटे मारे, धोये।
मुंह का पानी एक मिनट बाद
निकाल कर पुन: कुल्ला भर ले।
मुंह का पानी गर्म ना हो इसलिए
बार बार कुल्ला नया भरते रहे।
भोजन करने के बाद गीले हाथ
तौलिये से नहीं पोंछे।
आपस में दोनों हाथो को रगड़ कर
चेहरा व कानो तक मले।
इससे आरोग्य शक्ति बढ़ती हैं।
नेत्र ज्योति ठीक रहती हैं।
👉 *शौच*
ऐसी आदत डाले के नित्य
शौच जाते समय दाँतो को
आपस में भींच कर रखे।
इस से दांत मज़बूत रहेंगे,
तथा लकवा नहीं होगा।

ठयरोइड्स की गोली खाने बाले रोगी ध्यान दें l


Narendra Jain
ठयरोइड्स की गोली खाने बाले रोगी ध्यान दें l यदि आपने किसी भी जांचों के पैकेज में या फ्री कैम्प में अपनी जांच की है, आपको कोई भी परेशानी नही है पर आपका TSH बड़ा हुआ है, औऱ डॉक्टर ने आपको थाइरोइड बताया है, एवम thyronorm गोली खाने की सलाह जीवन पर्यंत खाने को कहा, तो कृपयायह गोली न खायें, आप इसी दिन से आप बीमार होते जायेगे, यह गोली, अनिद्रा, घबराहट, हार्ट पैन, हार्ट फैल, बजन कम, हाथ पैर का कम्पन, इत्यादि, यहा तक लिखा है कि आपका दिमाक कमजोर कर कोमा मेभी जा सकते है l
यह बीमारी हमारे देश मे कभी नही थी, न है, न होगी, यह थ्योरी अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन की यह, यह थ्योरी भारत के शरीर कर लागू नही होती, 250000 लोंगो तक यह खबर मेरे माध्यम से गईहजारों रोगियों से बात कर जाना की यह गोली 15-20 सालों में भी बन्द नही हुई, इसके लेने के बाद ही हमारी बीमारी बढ़ती गई, यदि आप भी यह गोली खाते,या खाने बाले है l
तो अबश्य सम्पर्क करें,भारतीय चिकित्सा अभियान, डॉ नरेंद्र जैन, 0755,2736147, 9329159594 दोपहर 1 से 4, देश हित मे सभी को सेंड करें l

घर के सामने नीम का पेड़ है तो वाकई आप बहुत भाग्यशाली हैं।

अगर आपके घर के सामने नीम का पेड़ है तो आप वाकई बहुत भाग्यशाली हैं। नीम की पत्तियां भले ही कड़वी हों लेकिन इनमें ऐसे गुण हैं, जो कई हेल्थ प्रॉब्लम्स से बचाव करती हैं। पर क्या आपको पता है की अगर आप नीम की पत्तियों की चाय का सेवन करते है तो इससे आपके शरीर को दुगुने लाभ मिल सकते है।

ये स्वाद में थोड़ी सी कड़वी ज़रूर होती है पर सेहत के लिहाज से इसका सेवन बहुत फायदेमंद होता है। बता दें कि नीम के अर्क में मधुमेह, बैक्टीरिया और वायरस से लड़ने के गुण पाए जाते हैं। तो आइए बताते है आपकों कि किस तरह से नीम को प्रमुख रूप से इस्तेमाल किया जाता है।

1. जल जाने पर अगर आप खाना बनाते वक्त या किसी दूसरे कारण से अपना हाथ जला बैठी हैं तो तुरंत उस जगह पर नीम की पत्तियों को पीसकर लगा लें। इसमें मौजूद एंटीसेप्टिक गुण घाव को ज्यादा बढ़ने नहीं देता है। 

2. स्किन को फायदा नीम की पत्तियों के पेस्ट को दही में मिलाकर पिंपल्स पर लगाएं। इसके ऐंटी-बैक्टीरियल गुण पिंपल्स दूर कर देंगे। पत्तियों के पेस्ट को रोज स्किन पर लगाएं। ब्लैक हेड्स की समस्या दूर हो जाती है।



कड़वे नीम के मीठे फायदे, जो डाल देंगे आपको हैरत में..

3. कान दर्द में अगर आपके कान में दर्द रहता है तो नीम का तेल इस्तेमाल करना काफी फायदेमंद रहेगा. कई लोगों में कान बहने की भी बीमारी होती है, ऐसे लोगों के लिए भी नीम का तेल एक कारगर उपाय है। 

4. काढ़ा पिएं बुखार होने पर नीम की पत्तियों का काढ़ा बनाकर पिएं।इसमें मौजूद ऐंटी-वायरल गुण इम्युनिटी बढ़ाएगा और बुखार से निजात दिलाएगा। वहीं इसको उबाल कर लेने से बाल हेल्दी रहते हैं। 

5. दांतों के लिए कुछ वक्त पहले तक नीम की दातुन, ब्रश की तुलना में ज्यादा लोकप्रिय थी. एक ओर जहां दांतों और मसूड़ों की देखभाल के लिए हम तरह-तरह के महंगे टूथपेस्ट इस्तेमाल करते हैं वहीं नीम की दातुन अपने आप में पर्याप्त होती है. नीम की दातुन पायरिया की रोकथाम में भी कारगर होती है।

6. झुर्रियों से बचाए हफ्ते में 3 या 4 बार नीम की पत्तियों को उबालकर पेस्ट बनाकर स्किन पर लगाएं। इससे झुर्रियां कम हो जाएंगी। पत्तियों में ऐंटी-सेप्टिक गुण होते हैं। इसे पीसकर घाव पर लगाने से आराम मिलता है। 

7. बालों के लिए भी है फायदेमंद नीम एक बहुत अच्छा कंडीशनर है,इसकी पत्तियों को पानी में उबालकर उसके पानी से बाल धोने से रूसी और फंगस जैसी समस्याएं दूर हो जाती हैं। 

8. फोड़े और दूसरे जख्मों पर लगाने के लिए कई बार ऐसा होता है कि खून साफ न होने की वजह से समय-समय पर फोड़े हो जाते हैं। ऐसे में नीम की पत्ती को पीसकर प्रभावित जगह पर लगाने से फायदा होगा। साथ ही इसके पानी से चेहरा साफ करने पर मुंहासे नहीं होते हैं।